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डायबटीज और डायरिया से जुड़े लक्षण और बचाव के तरीके

अक्सर डायबिटीज के मरीज दस्‍त या कब्‍ज की शिकायत रहती है. एक रिसर्च की मानें तो लगभग 60 प्रतिशत मधुमेह के रोगियों को दस्‍त या कब्ज की समस्या से जूझना पड़ा था, तो आइए आज हम आपको इसके पीछे के कारण, लक्षण और उपायों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

अक्सर डायबिटीज रोगियों में पाचन तंत्र में गड़बड़ी की समस्या देखी जाती है. इसी के चलते डायबिटीज रोगियों को एक हेल्दी खानपान की सलाह दी जाती है. लेकिन आमतौर पर डायबिटीज के रोगी दस्‍त या कब्‍ज की शिकायत से परेशान हो सकते हैं. एक रिसर्च के अनुसार लगभग 60 प्रतिशत डायबिटीज के रोगियों को दस्‍त या कब्ज की समस्या से जूझना पड़ा था, तो आइए आज हम आपको इसके पीछे के कारण, लक्षण और उपायों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
डायबटीज और डायरिया से जुड़े लक्षण और बचाव के तरीके
डायबिटीज और डायरिया के लक्षण



डायबिटीज और दस्‍त  

पाचन तंत्र की समस्या उन लोगों में अधिक पाई जाती है, जो डायबिटीज की स्थिति गंभीर से जूझ रहे होते हैं. इस प्रकार की स्थिति को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है. यह आपके पाचन तंत्र और शरीर के सभी अंगों को प्रभावित करती है. इसमें डायबिटीज सीधे वेगस तंत्रिका को प्रभावित करती है, जो आपके खाने को जठरांत्र संबंधी मार्ग में इकट्ठा कर देता है. जब आपकी वेगस नर्व फट जाती है, तो इससे ज्यादातर दस्‍त और कब्‍ज की समस्‍या पैदा होती है साथ ही यह क्षतिग्रस्त तंत्रिका गैस्ट्रोपेरसिस का भी कारण बन सकती है, जिसका मतलब होता है गैस्ट्रिक की समस्या होना.
इसके अलावा मधुमेह के रोगी का खानपान भी दस्‍त या कब्‍ज की समस्या की एक मुख्य वजह बन सकता है. इसलिए मधुमेह के रोगियों को एक अपनी सेहत के अनुसार एक हेल्दी और पौष्टिक भोजन का ही सेवन करना चाहिए. वैसे डायबिटीज रोगियों को हाई फाइबर से भरपूर आहार का सेवन की सलाह दी जाती है क्‍योंकि इससे आंत्र संबंधी समस्याओं को रोकने में मदद मिलती है.


डायबिटीज से जुड़े कब्ज और दस्‍त के लक्षण

-कब्ज महसूस होना या बार- बार दस्त लगना
-कठोर मल की समस्या
-मल त्‍याग में समस्या महसूस होना
-आंत्र में भारीपन महसूस होना
-ब्‍लोटिंग जैसा महसूस होना


इसके कुछ अन्य गंभीर लक्षण

-मल त्याग करते समय खून निकलना
-पेट में दर्द की समस्या
-उल्टी आना
-बुखार होना
-गैस पास करने में दिक्क्त होना
दस्‍त से छुटकारा पाने के घरेलू तरीके
भरपूर मात्रा में पानी पिएं
आपको हर रोज पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद आवश्यक है इससे आपका शरीर हाइड्रेटेड रहता है. दस्त से पीड़ित होने पर आपके शरीर से बहुत सारे इलेक्ट्रोलाइट्स और तरल की हानि हो जाती है. ऐसे में आप ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन करें. आप दस्‍त में राहत पाने के लिए सेब, प्रून जूस या अन्‍य किसी भी फल का जूस पी सकते हैं.


दही खाएं

अगर आपको दस्त की समस्या हो रही है तो आप इससे छुटकारा पाने के लिए दही का सेवन भी कर सकते हैं. दही में लैक्टिक एसिड पाया जाता है, जो आपकी आंत में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है और हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करता है. इसके लिए आप दही के साथ एक केला खाएं. इससे आपकी भूख भी नियंत्रित रहती है.
सेब का सेवन करें
इसके लिए आप एक से दो सेब को गूदेदार होने तक पकाए. फिर उसमें एक चम्मच घी, एक चुटकी इलायची और एक चुटकी जायफल इसमें डाल इसका सेवन करें. इसके सेवन से आपको दस्त की समस्या से छुटकारा मिलता है. यह एक शक्तिशाली घरेलू नुस्खा है, जो निश्चित रूप से काम करता है. इसके अलावा आप अपनी आंत को हेल्दी रखने के लिए एक सीमित मात्रा में एप्‍पल साइडर विनेगर का भी सेवन कर सकते हैं.


कैमोमाइल टी का सेवन करें

कैमोमाइल चाय एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती है, जो आंतों की समस्याओं से छुटकारा दिलाने में मददगार साबित हो सकती है. साथ ही ये आपकी आंतों की सूजन के उपचार में भी सहायक होती है. इसके लिए आप एक कप पानी में एक चम्मच कैमोमाइल फूल और एक चम्मच पुदीना के पत्तों को डालकर लगभग 10 मिनट के लिए कैमोमाइल चाय को उबालकर बनाए. अगर आप एक दिन में कम से कम 2-3 बार इसका सेवन करते हैं तो आपको तनाव से छुटकारा मिलता है.


केले का सेवन करें

इसको बनाने के लिए आप 1-2 पके हुए केलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें, इसके बाद इसमें एक चम्मच गर्म घी और एक चुटकी इलायची और जायफल डालकर इसका सेवन करें. इसके बाद आपका पेट बेहतर महसूस करें तो आप हल्‍के खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं. इसके साथ ही आप कुछ समय के लिए डेयरी उत्पादों के सेवन से बचें.

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